Dawai Ke Side Effects | दवाइयों के साइड इफेक्ट होने पर क्या करें

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Dawai ke side effect

Dawai Ke Side Effects

दवाइयों के साइड इफेक्ट होने पर क्या करें

Dawai Ke Side Effects: हम जब भी बीमार होते हैं तो हमें दवाओं की जरुरत पड़ती है. किसी भी प्रकार की बीमारी या अन्य तकलीफ में हम दवाओं का सेवन करते हैं. ये दवायें हमें आराम तो दिला देती हैं. लेकिन इनमे से कुछ दवायें ऐसी भी है जिनके साइड इफ़ेक्ट सामने आते है. इन दवाओं का ज्यादा सेवन करने से यह हमारी लिए खतरे का बिषय बन जाती है. ये साइड इफेक्ट यानि दुष्प्रभाव पेट खराबी, कब्ज, त्वचा रोग और सिर दर्द के रूप में हो जाते हैं. ये दवायें हमारे दुःख तकलीफ में बहुत ही लाभदायक होती हैं हमारी हर परेशानी हर तकलीफ को दूर करती हैं. यह जरुरी नहीं की हर दवाई का साइड इफेक्ट हो, या हर किसी दवाओं से परेशानी होने का खतरा हो. साइड इफेक्ट होने का खतरा दवाओं पर ही निभर करता है. सही दवा देने का तरीका, वजन, दवा की खुराक, दवा का प्रकार और जिसे दवा लेनी है. इन सब बातों पर साइड इफेक्ट मिर्भर करता है. “Dawai Ke Side Effects”

  • दवाओं का साइड इफेक्ट अधिकतर ज्यादा उम्र के लोगों में अधिक होता है. बल्कि युवाओं में ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है.
    साइड इफेक्ट कब्ज, नींद आना, डायरिया या सिरदर्द के रूप में देखने को मिल सकता है. दवाओ को हमेशा देखकर और उसके बारे में जानकार तब लें.
  • आम तौर पर  बैक्‍टीरिया से होने वाली तमाम बीमारियों के उपचार में एंटीबॉयोटिक दवाओं का प्रयोग किया जाता है. लेकिन डॉक्‍टर की फीस बचाने के चक्‍कर में आदमी कोई भी बीमारी होने पर मेडिकल स्‍टोर से एंटीबॉयोटिक दवाएं खरीद कर खा लेता है। लेकिन इस चक्‍कर में अक्‍सर ये दवाएं या तो ओवर डोज हो जाती हैं. जिससे रोगी को बड़ी मात्रा में इसके दुष्‍परिणाम झेलने पड़ते हैं.
  • 20 साल पहले जो एंटीबॉयोटिक दवाएं फोर्थ जनरेशन के तौर पर प्रयोग में लाई जाती थीं, अब सामान्‍य बीमारियों में फर्स्‍ट जनरेशन मानकर दी जाने लगी हैं.
    आमतौर से 70 प्रतिशत मरीज ऐसे होते हैं, जो दवाओं के साइड इफेक्‍ट की वजह से बीमार होते हैं। ऐसा सिर्फ एंटीबॉयोटिक दवाओं के कारण ही नहीं होता, बल्कि अन्‍य तमाम एलोपैथिक दवाओं के कारण भी यही होता है। इसके पीछे मुख्‍य वजह है कि लोग बिना चिकत्सक की सलाह के दवा खा लेते है. जिस वजह से साइड इफेक्ट का खतरा बहुत ज्यादा हो जाता है. “Dawai Ke Side Effects”
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दवाओं के साइड इफेक्ट से बचने के उपाय:

1. दवा लेने के बाद अक्सर हल्का चक्कर या नींद आने की समस्या ज्यादा होती है. यह इसलिए भी होता है क्योकि दवा लेने के बाद शरीर को आराम मिल सके. जरुरी नहीं इससे कोई तकलीफ हो अगर इससे आपको कोई तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श ले. अगर आपकी दवा पहले से ही चल रही है तो डॉक्टर को परेशानी बतायें और दवाई को बदलने के लिए कहे.

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२. बहुत बार ऐसा होता है दवाई खाने के तुरंत बाद सिरदर्द की समस्या होने लगती है. अगर आपके साथ भी ऐसे तकलीफ सामने आ रही है तो चिकत्सक को दिखाए और दवाई बदलने को कहें. आपके ऐसा करने से आपकी तकलीफ दूर हो जाएगी और आप स्वस्थ हो जायेंगे.
3. कई बार डायरिया भी दवाओं के दुष्प्रभाव के रूप में सामने आ सकता है. कीमोथेरेपी के लिए प्रयोग की जाने वाली एंटीबायोटिक और एंटी-डिप्रेसेंट जैसे दवाएं डायरिया होने का कारण बनती है. ऐसे में अपने खाने पीने पर बिशेष ध्यान रखना चाहिए. टला हुआ खाना बिल्कुल नहीं खाना चाहिए. मसाले दार भोजन से परहेज करें. हल्का मसाले का खाना खाये और दही, दूध, चावल और सलाद का सेवनज्यादा करें. Medicine side effects in Hindi
४. दवाओं का साइड इफेक्ट होने पर कब्ज की समस्या हो जाती है. ऐसे में अपने खाने पर विशेष ध्यान रखना होगा. ब्रोकली व फलियों का अधिक से अधिक सेवन करें फाइबर रहित भोजन करें.
5. ऐलोपैथिक दवाओं में साइड इफेक्ट की समस्या आ सकती है ऐसे में ऐलोपैथिक दवाएं का प्रयोग ना करके आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग करें. इससे साइड इफेक्ट की समस्या नही आएगी.

 

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