हार्ट अटैक (दिल का दौरा) पड़ने के लक्षण, कारण, और बचाव

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हार्ट अटैक (दिल का दौरा) पड़ने के लक्षण, कारण, और बचाव

हार्ट अटैक – आज के इस युग में हार्ट अटैक की घटनाएँ तेजी से बढ़ती जा रही है. दिल के दौरे में क्या करना चाहिए क्या नहीं, ना जाने कितने लोगो को ये भी नहीं पता होता. हार्ट अटैक पड़ने के क्या लक्षण है ये जानना बहुत ही जरुरी है. आमतौर पर देखने को मिल जाता है हार्ट अटैक के समय जिसे हार्ट अटैक आया हो या उसके परिवार वालो से घबराहट में ऐसी गलतियां हो जाती है जिससे मौत और भी करीब आने लगती है. ऐसे समय में बहुत संभल कर काम करना होता है. हार्ट अटैक के समय क्या क्या सावधानियां बरती जाये ये जानना हम सब को बहुत जरुरी है. आइये जानते है कुछ हार्ट अटैक से संबंधित जानकारी.

अधिकतर लोग हार्ट अटैक को पेट दर्द या अपच समझकर ऐसे ही किसी जनरल फिजिशियन के पास ले जाते है और बाद में पता चलता है कि यह तो दिल का दौरा है ऐसा करने से समय की बर्बादी तो होती ही है, साथ ही साथ मरीज के हालत और भी ज्यादा खराब हो जाती है. आमतौर पर देखा गया है लगभग 75 प्रतिशत मरीज हार्ट रोग स्पेसिअलिक्ट(ह्रदय रोग चिकित्सक) के पास तब पहुचंते हैं. जब तक तो मरीज की हालत नाजुक हो जाती है और उसका ह्रदय को बहुत ज्यादा नुकसान पहुँच चुका होता है. ऐसे में मरीज का बचना बड़ा ही मुश्किल हो जाता है.

*हार्ट अटैक को मेडिकल भाषा में मायोकार्डियल इन्फार्कशन कहा जाता है. हार्ट अटैक का मुख्य कारण दिल के कुछ भाग में रक्त का संचार कम हो जाना है. रक्त के पूरी तरह से ना पहुँचने से दिल के कोशिकायें मर जाती हैं.
* दिल की कोशिकायें मर जाने के कारण छाती में तेज दर्द उठने लगता है. दिल की धड़कन तेजी से धड़कने लगती है और सांस लेने में बहुत ज्यादा तकलीफ होती है. हार्ट अटैक कभी कभी तो इतना खतरनाक होता है की व्यक्ति के मौके पर ही मौत हो जाती है.
* रक्त का संचार सामान्य रूप से ना होने पर ना सिर्फ हार्ट अटैक का खतरा होता है साथ ही साथ दिमाग पर भी गहरा असर पड़ता है. शरीर के इन मुख्य अंगो के लिए ऑक्सीजन युक्त रक्त के आवश्यता होती है.
* हार्ट अटैक मरीज के छः घंटे के भीतर दिल की रुकी हुई धमनी को खोल दिया जाये और उनमे रक्त संचार सामान्य रूप से कर दिया जाये तो मरीज को आसानी से बचाया जा सकता है.

हार्ट अटैक
हार्ट अटैक के लक्षण: Heart attack symptoms In Hindi

1. हार्ट अटैक आने के समय सबसे पहले सीने में धीरे धीरे दर्द होना सुरु हो जाता है. दिल का यह दर्द छाती के निचले भाग पर फ़ैल जाता है. धीरे धीरे यह दर्द बहुत तेजी से होने लगता है.
2. दिल का यह दर्द कई बार छाती के बजाय पेट के ऊपरी भाग से उठने लगता है. हार्ट अटैक के इस दर्द में मरीज की हालत बहुत ज्यादा खराब हो जाती है.
3. यह दर्द इतना तेज होता है इस दर्द में मरीज की सांस फूलने लगती है. पसीना छूटने लगता है उल्टी आने जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं. बैचनी होना, चक्कर आना तेजी से सांसे लेना ये सब हार्ट अटैक के लक्षण हैं.
4. कुछ लोगों में कभी कभी ये लक्षण देखने को नहीं मिलते उन्हें साइलेंट अटैक पड़ जाता है उन्हें ना दर्द होता और ना ही सांस लेने में कोई तकलीफ होती है और ऐसे ही अचानक दर्द पड़ जाता है.
दिल का दौरा पड़ने पर क्या करें: 
1. हार्ट अटैक आने पर मरीज को समतल जगह पर लिटा देना चाहिए और बाद में उसकी नब्ज देखे की चलरी है या नहीं.
2. दिल का दौरा पड़ने पर मरीज के कपडे ढीले करदें या खोल दें.
2. मरीज की ज्यादा हालत खराब हो तब उसकी छाती की मालिश अच्छे से करनी चाहिए. बेहोश होने की स्थिति में मरीज के मुहं से मुहं सटाकर कृतिम सांस देना चाहिए. ऐसी कोई भी लापरवाही ना करें जिससे मरीज की जान को खतरा हो.
3. मरीज के होश में होने पर उसे तुरंत एस्पिरिन की दवाई देने से मरीज को दिल में होने वाले दर्द से राहत मिलती है. फर्स्ट ऐड देने के लिए एस्पिरिन दवाई की पुष्टि ह्रदय रोग चिकत्सक (कार्डियोलॉजिस्ट) ने भी की है.
4. दिल के दौरा पड़ने पर मरीज के आस-पास भीड़ ना होने दें ताकि मरीज को तजा हवा मिलती रहे.

हार्ट अटैक में क्या खाना चाहिये – Heart Patient Diet:

ह्रदय रोग में खाने पर विशेष ध्यान रखना चाहिए. अगर खाने-पीने में लापरवाही करेंगे तो आपको इससे बहुत ज्यादा परेशानी हो जाएगी. ह्रदय रोग में क्या खाना है क्या नहीं जानते हैं.

1. ह्रदय रोग में हरी सब्जियां जैसे लौकी, तोरई, खीरा, गाजर, पालक, कच्ची प्याज, लहसुन, आदि का सेवन कर सकते हैं.

2.  कम चिकनाई का दूध, गेंहू का दलिया, भिगोए हुए चने, भुने हुए चने, किशमिश, मुनक्का का सेवन करना चाहिए.

3. ताजे फलों का सेवन करना चाहिए.

4. भोजन करने के बाद दोपहर और रात को व्रजासन और शवासन करना चाहिए इससे आपको होने वाली थकान से छुटकारा मिलेगा और साथ ही साथ ये आपके दिल के लिए भी फायदे बंद है.

5. हार्ट अटैक के लिए आंवला उच्च कोटि का रसायन है यह ह्रदय रोग में बहुत लाभकारी सिद्ध होता है. इसके नियमित प्रयोग से रक्तवाहिनियां कोमल बनी रहती हैं. रक्तवाहिनियों में रक्त प्रवाह भली भांति होने लगता है.

हार्ट अटैक
हार्ट अटैक

हार्ट अटैक से बचने के उपाय: Heart attack prevention In Hindi

1. हार्ट अटैक से बचने के लिए मरीज को कोलेस्ट्रोल रहित खान-पान की चीजे खानी छोड़ देनी चाहिए. जैसे- घी, मक्खन, आइसक्रीम आदि चीजें बंद कर देनी चाहिए. मरीज अगर धुम्रपान करता है तो उसे धुम्रपान तुरंत छोड़ना होगा. धुम्रपान से हार्ट अटैक के आने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है.
2. हार्ट अटैक पड़ने के बाद मरीज को अपनी सेहत का बिशेष ध्यान रखना होता है. मरीज को नियमित रूप से व्यायाम करते रहना चाहिए. व्यायाम करने से रक्त का संचार अच्छी तरह से होता रहता है. इसलिए हार्ट के मरीज को व्यायाम करना बहुत ही जरुरी है.
3. अगर मरीज को सुगर की समस्या है तो उसे नियंत्रण रखना बेहद जरुरी है अगर मरीज को सुगर बढ़ी तो उसे हार्ट अटैक आने का ख़तरा बढ़ जाएगा. इसलिए सेहत का ध्यान रखना बहुत ही जरुरी. है.
4. इसी के साथ साथ मरीज को अगर ब्लड प्रेशर की बीमारी है तो उसे कण्ट्रोल रखना चाहिए जिससे उसे अटैक के खतरे से निजात मिल सके.